मारिया की पुकार और मारियान भक्ति: मारिया जीवन की स्थितियों में

मारिया की भक्ति किसी भी जीवन की स्थिति का विशेषाधिकार नहीं है: यह हर बपतिस्मा प्राप्त व्यक्ति की वोकेशन को प्रकाशित और समृद्ध करती है। मारिया एक सार्वभौमिक मॉडल है क्योंकि उसने परमेश्वर के आह्वान का पूर्ण रूप से उत्तर दिया, चाहे वह देवी हो, पत्नी या माँ हो।
मारिया और समर्पित जीवनअनगिनत धार्मिक परिवारों ने मारिया को अपनी प्रेरणास्रोत या संस्थापक मॉडल के रूप में अपनाया है: मारिया के सेवक, कारमेलाइट्स, डोमिनिकन्स, सेलेसियन्स। ‘मैरियम के लिए समर्पण’ (Consecratio ad Mariam) कई संघों की आधारशिला में रहा है, जो सेंट लुइस मारिया डी मोंटफोर्ट की धर्मशास्त्र पर आधारित है।
मारिया और विवाहमारिया और जोस पवित्र परिवार का निर्माण करते हैं, जो हर ईसाई परिवार का मॉडल है। चर्च के शिक्षानुसार, विशेष रूप से जॉन पॉल द्वितीय के ‘Familiaris Consortio’ में, नाज़रेत को ‘प्रथम घरेलू संग्रहालय’ के रूप में चित्रित किया गया है। ईसाई परिवार को एक ‘घरेलू चर्च’ होने का आह्वान दिया गया है, जहाँ मारिया माँ और विश्वास की शिक्षा देने वाली हैं।
मारिया और पुजारीत्वपुजारियों और मारिया के बीच का संबंध कई पोपीक दस्तावेजों द्वारा उजागर किया गया है। जॉन पॉल द्वितीय ने 1979 में पुजारियों को पत्र लिखे हुए, सभी पुजारियों को मारिया की रक्षा में सौंप दिया था। जिस माँ ने अपने पुत्र को पिता के पास प्रस्तुत किया, वह पुजारी के लिए उसी तरह का मार्गदर्शन करती है जैसे वह ईकारिस्ट की पेशकश करता है।
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